आज वो आज़ादी का जशन मना लेते है
हम आज भी उन यादों में कैद रहते है
उन्हें ये दिन, ये तारीख याद नही रहती
हम ये दिन, ये तारीख भूल नही पाते
उनके चेहरे पर खुशी की हँसी होती है
हमारे चेहरे पर दुख भरी मुस्कान होती है
वो खूब जी लेते है ये दिन, हर दिन
हम खूब रो लेते है ये दिन, हर दिन
वो सारे हसीन पलों को इतनी आसानी से भूल लेते है
हम आज भी उन्ही पलों को अक्सर जी लेते है,
उनसे आशियाना सजा लेते है.....
हम आज भी उन यादों में डूबे रहते है, कैद रहते है
और वो आज खुशी का माहौल बना लेते है, आज़ादी का जशन मना लेते है,
आज़ादी का जशन मना लेते है........
------ नम्रता
हम आज भी उन यादों में कैद रहते है
उन्हें ये दिन, ये तारीख याद नही रहती
हम ये दिन, ये तारीख भूल नही पाते
उनके चेहरे पर खुशी की हँसी होती है
हमारे चेहरे पर दुख भरी मुस्कान होती है
वो खूब जी लेते है ये दिन, हर दिन
हम खूब रो लेते है ये दिन, हर दिन
वो सारे हसीन पलों को इतनी आसानी से भूल लेते है
हम आज भी उन्ही पलों को अक्सर जी लेते है,
उनसे आशियाना सजा लेते है.....
हम आज भी उन यादों में डूबे रहते है, कैद रहते है
और वो आज खुशी का माहौल बना लेते है, आज़ादी का जशन मना लेते है,
आज़ादी का जशन मना लेते है........
------ नम्रता
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